अमृतसर में हादसे वाली जगह पर पुलिस व भीड़ में टकराव, कई पुलिसकर्मी व लोग घायल

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अमृतसर

जेएनएन, अमृतसर। यहां अमृतसर-पठानकोट रेल मार्ग को चालू कराना पहुंचे पुलिसकर्मियों पर क्रुद्ध लोगों ने पथराव कर दिया। लोग जोड़ा रेलवे फाटक के पास प्रदर्शन कर रहे थे तो पुलिस ने उनको वहां से हटाने की कोशिश की। इस पर लोगों और प‍ुलिस के बीच टकराव हो गया। गुस्‍साए लाेगों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया। लोगों का गुस्‍सा देख व पथराव करने से पुलिसकर्मियों को भागना पड़ा। पुलिस ने भी लोगों पर लाठीचार्ज किया। बाद में पुलिस ने लाेगों को खदेड़ दिया। वहां हालत अब भी तनावपूर्ण है। इस घटना मे तीन पुलिसकर्मियों सहित 12 से अ‍धिक लोग घायल हो गए।

 

शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे उनका हार्डवेयर के सामान से लदा वाहन सुरक्षाकर्मियों ने गेट के बाहर रोक लिया। दिनेश कौशिक ने सिक्योरिटी मैनेजर को फोन किया तो उन्होंने कॉल काट दी। सुरक्षाकर्मियों के सामान लेकर जाने से साफ इनकार करने पर उनका विवाद हो गया। आरोप है कि बात बढ़ने पर सुरक्षाकर्मियों ने दिनेश कौशिक को डंडों से पीटा और उनके कपड़े भी फाड़ दिए।

फुटेज के आधार पर हुई गिरफ्तारी

दिनेश कौशिक ने निजी अस्पताल में उपचार कराया और पुलिस को शिकायत दी। इस मामले में बिसरख के सीओ निशांक शर्मा ने बताया कि शिकायत और फुटेज के आधार पर केस दर्ज कर दो सुरक्षाकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

लोगों ने किया पथराव तो पुलिस ने चलाए डंडे, 12 से अधिक लोग घायल

बता दें कि  शुक्रवार काे जोड़ा रेल फाटक के पास धाेबीघाट मैदान में दशहरा कार्यक्रम चल रहा था। वहां रावण के पुतले का दहन किया जा रहा था। काफी संख्‍या में लोग रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर रावण दहन कार्यक्रम देख रहे थे। इसी दौरान एक डीएमयू ट्रेन ने लोगों को रौंद दिया। इससे 61 लोगों की मौत हो गई और करीब 143 लोग घायल हो गए।

लोगों काे समझाने की कोश्‍ािश करते पुलिस अधिकारी।

हादसे के बाद अमृतसर-पठानकोट रेल मार्ग पर ट्रेनाें का आवागमन बंद पड़ा है। हादसे के बाद भारी संख्‍या में लोग जोड़ा रेल फाटक के पास धरना देकर बैठे थे और प्रदर्शन कर रहे थे। मार्ग पर ट्रेनें नहीं चलने से यात्रियों को भारी परेशान हो रही है। रविवार को दोपहर पुलिस रेलवे ट्रैक के पास से लोगों को हटाने के लिए पहुंची। बताया जाता है कि ट्रैक की सफाई की जा रही थी।

अस्‍पताल में भर्ती एक घायल जवान।

बताया जाता है कि पुलिस ने लोगों को रेलट्रैक के पास से हटने को कहा कि लेकिन लोग नहीं माने। लाेगों का कहा है कि इस हादसे में मारे गए लोगों की संख्या कम कम बताई जा रही है। काफी संख्‍या में लोग रेलवे लाइन के पास खड़े थे। पुलिस ने उनको हटाने की कोशिश की तो वे भड़क गए। लोगों का अारोप है कि पुलिस ने बल का प्रयोग किया। लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पत्‍थर चलाने शुरू कर दिए। पथराव में कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। तीन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं

पुलिस की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन करते लोग। 

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारी ट्रैक पर बैठकर धरना देना चाहते थे। रोकने की कोशिश की गई तो लोगों ने उन पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। मामला बढ़ता देखकर पुलिस को पीछे हटना पड़ा। हाालांकि बाद में प्रदशर्नकारियों को ट्रैक से खदेड़ दिया गया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।

पुलिस की कार्रवाई के विरोध में लोग क्षेत्र में प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अब भी हादसे के बाद से कई व्‍यक्तियों का अता-पता नहीं है। ऐसे में रेलवे ट्रैक से मारे गए लोगों के अवशेष हटाने से पहले उनकी पहचान कराई जाए। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि मृतकों की संख्‍या कम करके बताई जा रही है।

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